
Neha Yadav
जिस पहाड़ , नदियां जंगल का हम अन्धाधुंध प्रयोग कर उसकी कीमत प्रकृति के साथ -साथ पशु पक्षी, और मानव स्वयं चुका रहा है।आज जंगल खत्म हो रहा है, ओजोन परत पतली होती जा रही है, जिससे तापमान में वृद्धि हो रही skin cancer की बीमारियां पनप रही है, कहीं सुखा कहीं बाढ़ जैसी आपदाओं से गुजरना पड़ रहा है।पर हमारा अहंकार हमें ये सोचने ही नहीं दे रहा है,कि लाभ भी हमारा तो हानि भी हमें ही उठाना पड़ेगा। बस निर्दोष पशु पक्षी को इसका शिकार हो रहे हैं।















