Pooja RanaTranslate to Englishइस लेख को पढ़कर सच मे बहुत दुख हुआ । इंसान अपने स्वार्थ के लिए कितना गिर चुका है । उसे अपना ठीक होना है इसके लिए उसे जानवर की जान ही क्यो न लेनी पड़े ।