पहले भीतर क्रांति घंटे , वरना बाह्य आंदोलन, भीतर का ही एक परिवर्तित विस्तार होगा । केवल…
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Chandra Shekhar Nayak
पहले भीतर क्रांति घंटे , वरना बाह्य आंदोलन, भीतर का ही एक परिवर्तित विस्तार होगा । केवल रंग रूप बदल जायेगा । तथा अहंकार को पोषित करते हुए , और बेचैनी पैदा करेगा ।