
मै एक हैल्थ प्रोफेशन से बिलॉन्ग करता हु। जब मैने हॉस्पिटल ड्यूटी ज्वॉइन किया तो उसमें मुझे बहुत करप्शन दिखा। अपन देखा जाना बात कर रहा हु, उन दिनों मुझे एक बात पता चला अधिकांश हॉस्पिटल अनजुकेट स्टॉफ रखते है। क्यों कि वह कम सैलरी पर काम करने को भी तैयार हो जाते है। वही अगर कोई नर्सिंग कोई अन्य स्टडी कर के गया हो तो हॉस्पिटल वाले भी उनको बहुत कम सैलरी देते है या कोई ऐसे को खोजते है जो फ्रेशर्स हो कम सैलरी में ड्यूटी करने को तैयार हो जाए, पर वो ऐसा करते क्यों है? इस क्यों जवाब मुझे जादा नहीं पता उनमें से एक कारण मुझे जो पता चला मैने उस समय देखा कि यदि कोई आदमी उस हॉस्पिटल में कोई पेशेंट देता है। तो हॉस्पिटल वाले उस आदमी हो 30 से 45% तक पैसा उस आदमी को देते है। अब यहां से बात आगे बढ़ जाती है। अब उस पेशेंट को महंगे से महंगा मेडिसिन प्रेस्क्राइब किया जाएगा। अब ये पैसा जाएगा उस आदमी को जिसने कुछ नहीं किया बस हॉस्पिटल में ऐडमिट करा दिया पेशेंट के घर वालों ने किसी ऐसे पर भरोसा कर लिया जिस पर नहीं करना चाहिए था। मुझे दुख होता ये सब देख कर जो पैसा सही जगह खर्च होना चाहिए गलत हाथ में जा रहा है। आप स्टॉफ को सैलरी दे रहे हो 5000 से 8000 जो 3 साल पढ़ के गया है। और एक आदमी को आप 40,000 से 45,000 यू ही दे रहे हो।💔💔 ये सिस्टम मै बदलना चाहता था। पर क्या मै उस हॉस्पिटल का ऑनर होता तब मेरी सोच यही होती। कि, मैं अपना निजी स्वार्थ देखने लगता, तब समझ में आता है। कोई भी सिस्टम बदलने से पहले खुद को बदलना पड़ता है। क्यों कि हम अपना स्वार्थ ले कर पैदा ही होते है। और हमसे ही ये सिस्टम बनता है।



















