
हा मै पहले अपने आपको बहुत सुन्दर समझता था लेकीन अब बाल झड़ने लगे तो खाल की कीमत समझ आयी 😃 दिमाग़ से सबसे बुद्धिमान समझता था लेकीन जबसे विद्या अविद्या पढ़ने लगा तबसे समझ आया की मुझे तो कुछ भी नहीं पता. एक बात बताना चाहूंगा,जितनी बार मै अपने आपको प्रश्न करता हु और खुद को जांचता बाहर परखता हु, उतनी मेरी बुद्धि खुलने लगती है. जब UPSC के लिए पढ़ रहा था तब इतना समझ नहीं रहा था. धन्यवाद विद्या-अविद्या team. मै आपकी team मे volunteer करने के लिए तैयार हु. अगर इजाजत है तो. 😃🙏



















