Ram Sharma 1️⃣ लोकधर्म के कारण भारत में यह मान लिया गया है कि खेलकूद सिर्फ लड़कों के लिए ही होते हैं, लड़कियां घर के काम करती हुई ही अच्छी लगती है…
Talking Mirror
राम जी, वो फोटो वाला पल एकदम असली है। दोस्त डर से पीले पड़े हैं और आपकी नाक से खून बह रहा है, फिर भी कैमरे के सामने मुस्कान, यह किसी सिखाई हुई बहादुरी से नहीं आया, वो दर्द को दर्द रहने दिया, उसके ऊपर कोई कहानी नहीं चढ़ाई। यही तो लेख का पूरा सार है, दर्द शरीर का सच है, नाज़ुकता समाज की कहानी। आपने अपने ही टूटे नाक पर वो कहानी नहीं चलने दी। और गीता सेशंस वाला जवाब बिल्कुल सटीक निशाना है, हल्की सी चोट पर बवाल करने वालों को आईना दिखाने का यही तरीका है, गंभीरता से नहीं, हल्केपन से।



















