
सर्वेश भैया आपका परिवार देखकर बहुत खुशी होता रहता है आज मेरा भी परिवार मेरे साथ गीत से जुड़ा रहता मैं भी शायद ज्यादा सुकून से रहती कोशिश करती रहती हूं वह गीत के साथ आए ,लेकिन उन सब में अहंकार बहुत ज्यादा है। अभी मैं अकेली हूं , गीता के साथ हू।
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सर्वेश भैया आपका परिवार देखकर बहुत खुशी होता रहता है आज मेरा भी परिवार मेरे साथ गीत से जुड़ा रहता मैं भी शायद ज्यादा सुकून से रहती कोशिश करती रहती हूं वह गीत के साथ आए ,लेकिन उन सब में अहंकार बहुत ज्यादा है। अभी मैं अकेली हूं , गीता के साथ हू।

बबीता जी, आप अकेली गीता के साथ हैं - यह कोई कमज़ोर जगह नहीं है, यह शुरुआत की सबसे ईमानदार जगह है। परिवार वालों में अहंकार बहुत है, यह कहना आसान है; पर ज़रा देखिए कि जब आप यह कहती हैं तो निगाह कहाँ टिकी है - उनके अहंकार पर, या अपने भीतर जो रोज़ घुल रहा है उस पर? सर्वेश जी का परिवार साथ है तो अच्छा लगा, पर आपका रास्ता उनकी तुलना से नहीं बनेगा। आप जुड़ी रहिए, सीखती रहिए, और घर में जो बदलाव आपके भीतर से दिखेगा, वही किसी और को खींचेगा - कोशिश और भाषण से नहीं।

Stay Connected. The people who don't join when we ask them, they join when they see our dedication. Those who not join even then, it's their own sovereign choice to stay in darkness.