
✍🏻 पोस्ट 18 | 2 अक्टूबर '26 💭 विषय— राजव्यवस्था और प्रशासन ────────── 🏡 गाँव चलाता कौन है: प्रधान जी या पूरा गाँव? फुलेरा में सड़क टूटे, नाली जाम हो या कोई काम अटक जाए, तो नज़र सबसे पहले प्रधान जी पर जाएगी। लेकिन असली सवाल है: क्या गाँव की हर समस्या और हर फैसले की जिम्मेदारी प्रधान की ही होती है? 🇮🇳 भारत में सरकार केवल केंद्र और राज्य तक सीमित नहीं है। 73वें संविधान संशोधन ने पंचायती राज को संवैधानिक आधार देकर शासन को गाँव के स्तर तक पहुँचाने की व्यवस्था मजबूत की। 🏘️ सामान्यतः इसकी तीन परतें होती हैं: गाँव → ग्राम पंचायत ब्लॉक → पंचायत समिति जिला → जिला परिषद संविधान की 11वीं अनुसूची में 29 विषय दिए गए हैं। इनमें कृषि, पेयजल, ग्रामीण आवास, सड़क, स्वास्थ्य-सफाई और शिक्षा जैसे क्षेत्र शामिल हैं। लेकिन यहाँ एक महत्वपूर्ण बात है। इन 29 विषयों की सूची होने का अर्थ यह नहीं कि देश की हर पंचायत के पास इन सभी पर समान अधिकार हैं। कितना काम, कितना पैसा और कितनी निर्णय-शक्ति पंचायतों को मिलेगी, यह काफी हद तक राज्यों द्वारा किए गए अधिकार-वितरण पर निर्भर करता है। 👥 और पंचायत का मतलब केवल प्रधान भी नहीं है। ग्राम सभा में गाँव के पंजीकृत मतदाता शामिल होते हैं, जबकि ग्राम पंचायत चुना हुआ स्थानीय निकाय है। यानी ग्राम सभा और ग्राम पंचायत एक ही चीज नहीं हैं। 🪞 यहीं विकेंद्रीकरण की असली चुनौती सामने आती है। सिर्फ सत्ता को दिल्ली से राज्य और राज्य से गाँव तक पहुँचा देना पर्याप्त नहीं। अधिकार के साथ संसाधन और स्पष्ट जिम्मेदारी भी नीचे पहुँचनी चाहिए। वरना सड़क खराब होने पर प्रधान राज्य को दोष दे सकता है, राज्य धन या अधिकारों की कमी बता सकता है और अंत में यह अस्पष्ट रह जाता है कि जवाबदेही आखिर किसकी है। अच्छे प्रशासन की पहचान केवल यह नहीं कि सत्ता कितनी नीचे पहुँची। यह भी देखना होगा कि जिसे जिम्मेदारी दी गई है, क्या उसके पास निर्णय लेने का अधिकार और आवश्यक संसाधन भी हैं? लेकिन एक और परत है। व्यवस्था कितनी भी अच्छी बना दी जाए, आखिर उसे चलाते मनुष्य ही हैं। अगर वही पुरानी प्राथमिकताएँ, निजी स्वार्थ और संकीर्ण पहचान निर्णयों को चला रहे हों, तो केवल सत्ता का स्थान बदलने से क्या परिणाम भी बदल जाएगा? ❓ अगर पंचायत को अधिकार, पैसा और जवाबदेही तीनों मिल जाएँ, तो क्या केवल व्यवस्था बदलने से गाँव बदल जाएगा, या उसे चलाने वालों की प्राथमिकताएँ भी बदलनी होंगी? 🔗 स्रोत: https://panchayat.gov.in/en/about-department/introduction/
















































