
क्या किसी दूसरे का भविष्य धीरे-धीरे हमारे अपने जीवन का आधार बन सकता है? नहीं, क्योंकि , दूसरे के भविष्य को हमने यदि जीवन का आधार बनाया, तो दूसरे का क्या भरोसा है, वो अपनी कामना पूर्ति के लिए हमारे ही मेहनत का और धन का दुरुपयोग करेगा, जैसा कि मिसेज थरलो के पति और बेटों ने किया। क्योंकि अहंकार हमेशा अपनी कामना के पीछे ही भागता है। ❓ अगर वह व्यक्ति या भूमिका कल हट जाए जिसके सहारे मैं अपने जीवन को अर्थ देता हूँ, तो क्या केवल वह रिश्ता टूटेगा, या "मैं कौन हूँ?" का मेरा उत्तर भी? यदि मैं किसी के सहारे अपने जीवन को अर्थ देता हूं, तो टूटेगा ,मैं कौन हूं? का मेरा उत्तर भी। क्योंकि सहारा अहंकार को चाहिए होता है, जब अहंकार मिट गया, तो सहारे की जरूरत किसे होगी?



















