
अतीत की स्मृति ही भविष्य की आशा बनती है। # अतीत का गरीब भारत, पैसों के पीछे पागल। # क्रिकेट भी खेलेंगे, क्यों उससे पैसा मिलता है। # डॉक्टर है, क्यों कि पैसा मिलेगा। # पढ़ाई कर रहे है, ताकि आगे पेट का गुजारा करेंगे। हम उतने आर्थिक गरीब अब तो नहीं है, पर मानसिक तौर पर और भी गरीब है।



















