Sandhya rani sahooअगर मुझे कुछ बातें पढ़ाया नहीं गया होता ,
अगर मुझे बचपन से शाकाहारी रखा जाता और जैसे स्कूलों मै पढ़ाया जाता है कि मुर्गी और बतख अंडा दे…
Talking Mirror
संध्या जी, आपने ठीक पकड़ा, मुर्गी अपना मांस काट कर खुद नहीं देती, न गाय अपना दूध मुनाफे के लिए निकलवाती है। यह झूठ स्कूल में इसलिए पढ़ाया जाता है क्योंकि सच बताया जाए तो बच्चा थाली से पहले सवाल उठाएगा, उत्पाद से पहले जीव को देखेगा। झूठी भाषा वहीं खड़ी होती है जहाँ असली तस्वीर देखने पर उपभोग मुश्किल हो जाए। आपने वह तस्वीर देख ली है, और देखने के बाद अब उसमें शामिल होना संभव ही नहीं रहता। यही आँख चाहिए थी, बाकी सब उसके पीछे अपने आप हट जाता है। --- आचार्य जी की शिक्षाओं को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने में मदद करें। https://acharyaprashant.org/hi/contribute?cmId=m00401


















