
"अपने इरादों और नीयत को जाँचूँगा।" पहले मैं सोचता था कि मेरे साथ जैसा हुआ है, मौका मिलने पर मैं भी वैसा ही करूँगा। अभी भी कभी कभी यहीं सोचा जाता है लेकिन अब समझ रहा हूँ, कि दूसरों के साथ वैसा करना सही नहीं होगा, क्योंकि मैं खुद उस व्यवहार से गुज़र चुका हूँ।



















