
हमारी ज़िंदगी में कहाँ-कहाँ अपनी सुविधा को ही पूरी सच्चाई मान लेना हमें उन परिणामों से दूर रखता है, जिन्हें देखना हमारे लिए असुविधाजनक है? ☘️ऐसी बहुत सी सुविधाएं है जिसे सच्चाई मानकर आखिरी परिणाम मान लेते है। मेरे अनुसार कुछ सुविधाएं है जिसके कारण हम उसके पीछे के परिणाम नहीं देख पाते जैसे - 🕊️एक तो सबसे बड़ा बुरा काम देखा देखी का है , कि ये वस्तु यदि मेरे पड़ोसी के पास है तो उससे अच्छी और बढ़िया मेरे पास भी होनी चाहिए ,जिसके कारण कामनाएं भी बढ़ती है और हमारे पर्यावरण को भी नुकसान झेलना पड़ता है। यदि हमे गाड़ी की जरूरत ही नहीं हम बस से काम निकाल सकते है तो क्यों ले गाड़ी? बस अपने अहंकार की सुविधा के लिए उसके पीछे जो नुकसान होंगे हम उन्हें भूल जाते है। 🛞बढ़िया पैसा कमाना , और ऊंची नौकरी पकड़ना , सुंदर जीवनसाथी ,इत्यादि ऐसी कामनाएं जो हमे सुविधा लगती है , वो फिर बंधन भी बनती है क्योंकि उसके पीछे का परिणाम हम देखते ही नहीं , क्योंकि देख लेंगे तो हमें असुविधाजनक लगेगा,और अहंकार पर चोट पड़ेगी ।इसलिए हम सुविधा के पीछे भागते भागते उसका दुष्परिणाम भूल जाते है।



















