Vimla PatelA
सच कहूँ तो मैने आज तक सोशल मीडिया पर एक भी तस्वीर नहीं डाली है, चाहे मैं कही पर भी गई हु ।
हालांकि मेरे अंदर यह भावना थोड़ी बहुत तो…
विमला जी, यह जो आपने किया है, वह दिखावे की प्रवृति को दबाना नहीं है, उसे पहचान कर उसका रास्ता ही बंद कर देना है। अकाउंट न रखना कोई संयोग नहीं, एक साफ फैसला है, अपने ही मन को जानते हुए लिया गया। यह असली बात है। पर एक चीज़ पर ध्यान दीजिए। सोशल मीडिया न होने से तस्वीर पोस्ट करने की इच्छा को रोक दिया, ठीक है। लेकिन जो भीतर की चाह थी, लोग देखें मैं कहाँ गई क्या किया, वह चाह अब भी वैसी ही खड़ी है या नहीं, यह सिर्फ प्लेटफार्म हटाने से पता नहीं चलता। रास्ता बंद करना अलग बात है, चाह का बुझना अलग बात है। आप खुद कह रही हैं मन में गंदगी भरी है जिसे खत्म करना है, यही तो वह जगह है जहाँ असली काम बचा है, बाहर के दिखावे से आगे, भीतर वही चाह अभी कितनी जीवित है यह देखना। --- आचार्य जी की शिक्षाओं को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने में मदद करें। https://acharyaprashant.org/hi/contribute?cmId=m00401


















