
जीवन को लेकर बहुत अनिश्चित हूँ, कुछ नहीं लिख पा रही कि जीवन में वर्तमान में इथाका क्या है, क्या है जो पाना चाहती हूँ.. 😖 हर दिन जो समझ और जान रही हूँ उसे जीती रहूं बस यही कोशश रहती है, पढ़ना, जानना और समझना नहीं छोड़ सकती... बाहर से दिखने में लगता है जैसे कुछ इक्ट्ठा करने की कोशिश में हूँ, लेकिन बस हर दिन कुछ गिरता ही जाए यही चाहती हूँ। कभी किसी कदम पर अपनी कमज़ोरियों के आगे न झुकूं, बस यही कोशिश.. 😖 साइकिलिंग में बेहतर होने की कोशिश कर रही हूँ।



















