
मेरा तेल ये है कि मैं पढ़ने में तेज लड़का हमेशा से रहा हु , यानि मै बचपन से 10वी कक्षा तक था, उसके बाद डिप्लोमा में सारी हेकड़ी निकल गई, पर घर वालों को अब लगता है कि बेटा सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहा है तो निकाल लेगा, और मै इसी बात का फायदा उठा कर घर पे हूँ, पढ़ाई पे जितना ध्यान देना चाहिए था उतना दे नहीं पा रहा , मोबाइल में बस शॉर्ट्स चल रहे है पढ़ाई के नाम पे, बेचारे घर वाले है या मै पता नहीं, मै ही हूं, कि उनके विश्वासों पे पानी फेर रहा हूँ, यही मेरा तेल है। इसी वजह से मै कही और अपना कुछ विकसित नहीं कर पा रहा हूं, एडिटिंग सीख रहा हूँ, शुरुआत के दिया है,पर निरंतर किसी में नहीं हूँ न पढ़ाई , और न ही एडिटिंग, और न ही दूसरे कोर्स में, स्क्रोलिंग पीक पे है । कोशिश यही रहता है कि बस थोड़ा सा, पर थोड़ा कब घंटे में बदल जाता है पता नहीं चलता है, बदलने की चाह है पर आराम छूट नहीं रहा है, बेड पे लेट के स्क्रोलिंग करना । कल रात से आज का रात बेहतर है, क्योंकि आज सेशन है जिसके वजह से आज थोड़ा डिसिप्लिन है खुद में, ये डिसिप्लिन कल रहता है या नहीं पता नहीं।



















