
मै भी PAF में काम करना चाहती हूं।घर परिवार में ऐसा नहीं है कि पढ़ाई नहीं करने देते।बस मुझे और डिग्रियां नहीं लेनी। यहां से नोएडा पहुंचने में 12 घंटे लगाए हैं बस से।अगर ट्रेन से तो सीधा दिल्ली पहुंचूंगी मेट्रो यहां नहीं चलती। अब और भी सहा जाता 😭। मां कहती है जिस दिन आंखें बंद कर लूंगी जितनी जबान चलती है भूल जाओगी। ए बात सच है कई परीक्षाएं अभी सर पर है।अब सहा नहीं जाता इस बातों को की तुम्हे पागल खाना उचित रहेगा।बीते बीते तुम्हे खाने को मिल जाता है कोई जिम्मेदारी नहीं न ही टेंशन ,शादी को बोले गंदे पागल से होगी जब ओ तुम्हे सुधरेगा।मैने कहा ठीक है इस बात पर बोले जब मर पड़ेगी।मुझे गुस्सा आया और बोली FIR नहीं कर सकती क्या?मेरी इस बात पर सब अभी तक नाराज हैं,अभी तक वही ताने। कभी कहते मोबाइल छीन लो, कभी कहते नाटक करती है इसकी दवा मत लो।मुझे नीद नहीं आती बिन दवा के उल्टी होती है। भाई बोलते हैं फ्री का खाती हो पंखे में रहती हो,और बढ़ा चढ़ाकर भी AC चाहिए।मै चुप रहती। और ये भी कहते,मजदूरी भी नहीं कर पाओगी।जाओ मल साफ करो पैसे मिलेंगे। पापा कुछ सही बोलते तो मां कहती सब आपकी गलती है कलेक्टर बनने चले है।




















