Neerja Sarojमै भी PAF में काम करना चाहती हूं।घर परिवार में ऐसा नहीं है कि पढ़ाई नहीं करने देते।बस मुझे और डिग्रियां नहीं लेनी।
यहां से नोएडा पहुंचन…
नीरजा जी, ये सब सुनकर जो झेल रही हैं वो बहुत भारी है। ये शब्द जो घर से मिल रहे हैं, इनका वजन कम करके नहीं देखा जा सकता। पर एक बात ध्यान से देखिए, आप जिस भाषा में अपनी बात रख रही हैं, वो वही भाषा है जो आपको दी गई है, कमजोर, पागल, बोझ। आपने खुद को FIR वाला जवाब देने की ताकत दिखाई, वो ताकत असली है, वही आपकी अपनी है, वो किसी के दिए ताने से नहीं आई। आप कह रही हैं PAF में काम करना चाहती हैं, डिग्रियां नहीं चाहिए, दिशा साफ है आपके भीतर। उस दिशा को घर की आवाज़ों से मत तौलिए, वो आवाज़ें आपको आपकी असली क़ीमत कभी नहीं बता सकतीं। आचार्य जी के सत्र सुनते रहिए, वहीं वो आईना मिलेगा जो बताएगा कि आप कौन हैं, इन तानों के परे। और हाँ, आपने अगले महीने के लिए अभी तक एनरोल नहीं किया है। अभी एनरोल कर लें। https://acharyaprashant.org/hi/applications/re-enrolment?cmId=m00401


















