
बहस मे मुझे लगता है मैं सही हूँ मेरी बात उपर रहनी चाहिए यहाँ मैं अपनी बात को देख पाता हूँ गीता आचार्य से झूठी बातें मुझे बताता हूं तो मुझे लगता है की शान वाला कोई विरोध ना करें विरोध करता है तो बस में उसको रख कर ठहर कर समझने की कोशिश करके जवाब देने की बजाय रेस्पॉन्डेंसी जो मन में आता है मतलब बोल देता हूं मुझे लगता है कि उसका आर्गुमेंट नहीं दे पाया तो कहीं मतलब यह सब इतना हो जाए कि मैं सही नहीं हूं या फिर मैं थोड़ा सा नीचे हूं है ना गीत में दम नहीं मतलब यह नहीं देखा कि मुझे में दम नहीं है नहीं देख सकता हूं की कहानी जो मैं काम कर रहा हूं उसमें कुछ गड़बड़ होगा तो काम के ऊपर से ऐसा चला जाता है ध्यान जबकि सही चीज खुद को देखना



















