
बहुत सारी जगहों पर जैसे कि हम किसी भी विषय के बारे में गहराई से नहीं सोचते है न ही जानने की कोशिश करते है बस ऊपर ऊपर से देख लेते है।हम अपनी सुविधा देखते है है, सच्चाई नहीं देखते है। जैसे कि हम एक जग पानी के लिए मोटर चला लेते है और एक बाल्टी पानी बर्बाद करते है लेकिन हम ये नहीं देखते है कि हमने कितना पानी बर्बाद कर दिया बस हम ये देखते है कि हमें मेहनत नहीं करनी पड़ी,पानी लेने के लिए। इस जगह तो हम अपनी सुविधा को ही देख रहे है सच्चाई नहीं देख रहे है।



















