
👉दुसरो की नजर मैं अपनी बात,अपना विवेक दबाना अच्छी(स्वर्थो के अनुसार ) बात नही, क्युकी दूसरे खुद बर्बाद है,वो लोगो को बर्बादी और बेईमानी के साथ आगे बढ़ायेगे। क्युकी वो भी उन्ही सुरक्षित रास्तो से होकर आय है, उन्हें पता है, की जीवन मैं स्वार्थ के साथ ही जीना उनके हिसाब से एक सफल जीवन है।तो इन सब को देखकर अगर मैं भी सब लोगो की तरह वैसा ही जीवन जीना सूरू करुँगी, तो मुझे और ज्यादा इज्जत और बड़ाई मिलेगी। जों मुझे संस्कार के नाम पर मुझसे अपने स्वार्थ पूरा करने की मशीन बना देंगे। और ज़ब मैं खुद से इस गुलामी को स्वीकार करुँगी, तो धिरे -धिरे मेरी क़ीमत भी नही रहेगी, और मैं कमजोर बन जाऊगी, मानसिक और शरीरक तोर पर फिर वो लोग अपना असली चेहरा भी लायगे तो भी मैं कुछ नही कर पाऊँगी। ये समझ ज़ब आएगी तब तक देर चुकी होंगी, अब चुनाव करने का अधिकार है, और सच्चाई जानने का समय है, इन सब good girl वाले चोचले छोड़ना है, और मुझे जानना है, खुद के बारे मे फिर अविधा के बारे मे उसके बाद कोई मान्यताओं नही चलेगी। सच्चाई ही बताई जायगी किसीको अच्छी या बुरी लेगे तो लगे। मुझे क्या🤷♀️? 👉अच्छा का मतलब जों आमलोगो की परिभाषा है वो ऐसे है।= अच्छा माने लोगो के स्वर्थो के हिसाब से चलना उनके हाथो की कठपुतली बनकर जैसे नचाय वैसे नाचना, और अगर कुछ सवाल किया जाय तो,कहते है। छोरी हाथ से निकल गयी, पहले सामने आवाज तक नही निकलती थीं, अब तो हमारे सामने सवाल करने लगी है। ऐसे बोलकर हमें शांत करते रहना, और उन्हें सही मानकर गलत को सही समझकर जीना यही अच्छी लड़की की पहचान होती है, जिसके बाद अगर उसकी शादी होगयी फिर कोई प्रॉब्लम हो वो खुद देखेगी, हमारा कोई हक़ नही ऐसे कह कर पीछे हट जाते है, वो अच्छे लोग जों संस्कार की नदिया बहाया करते है। वो सब जों हमें प्यार के नाम पर कमजोर करते है,और फिर हम कही के नही रहते ।



















