
मैं भी शादी को लेकर confuse रहती हूं, हालांकि मेरी समझ कहती है कि शादी एक बंधन है इसका कोई अर्थ नहीं है मै अपनी समझ से शादी न करने के कई कारण बता सकती हु । इसके साथ ही मैं मम्मी से कहती रहती हु कि मैं कभी शादी नहीं करूंगी , लेकिन मम्मी का रिएक्शन होता है मानो मैं जो कहे रही हु उसका कोई मूल्य ही न हो माने मेरी शादी का फैसला मेरा न हो ये तो तय बात है कि बेटी किसी की घर पर नहीं बैठ सकती है । वो मेरी बातों को गंभीरता से लेती ही नहीं है कहती है कि तेरे बोल देने से क्या होता है शादी तो हम कराएंगे न इसके अलावा मेरे मन में भी एक द्वंद्व चलता रहता है कि पापा ,ताऊ और भाई ने जबरदस्ती मेरी शादी कर दी तो? इन लोगों ने मुझे ब्लैकमेल किया तो , ओर जो मेरे रिश्तेदार h उनके ताने मारे की वजह से मेरे परिवार वाले मुझे अपने साथ नहीं रखेंगे तो , और मैं अकेले कैसे रहूंगी ,बाद में मुझे realise हुआ तो कि शादी करनी चाहिए थी , मुझे बाद में एक परिवार चाहिए हुआ तो हालांकि परिवार से मतलब मेरे बच्चे , पति से नहीं है। मेरे मम्मी पापा ही काफी हैं अगर वो मेरे साथ हैं तो मुझे कभी सदी नहीं करनी अगर उन्होंने मुझे घर से निकाल दिया और रिश्ते खत्म कर दिए तो अतः मेरा भी शादी न करने का कारण हो सकता है तो यही होंगे परिवार और रिश्तेदारों का दबाब, अकेलेपन का डर ,रिश्ते खत्म कर देने का डर ,बेटी न मानने का डर ।



















