
जानबूझकर गलत निर्णय लेने को लाचारी नहीं, मक्कारी कहते हैं || आचार्य प्रशांत (2019)
आचार्य प्रशांत

मा विद्विषावहै ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः || आचार्य प्रशांत, वेदान्त पर (2020)
आचार्य प्रशांत

जिधर देखोगे खुद को पाओगे || आचार्य प्रशांत (2016)
आचार्य प्रशांत

‘पानी में मीन प्यासी’ का अर्थ? || आचार्य प्रशांत, गुरु कबीर पर (2018)
आचार्य प्रशांत

जगत पदार्थ, तो स्त्री वस्तु मात्र || आचार्य प्रशांत, युवाओं के संग (2014)
आचार्य प्रशांत

असली चीज़ फिर भूल गए || आचार्य प्रशांत (2020)
आचार्य प्रशांत

लोगों और वस्तुओं की सही कीमत कितनी? || आचार्य प्रशांत, श्रीकृष्ण पर (2018)
आचार्य प्रशांत

सच को सम्मान दो, झूठ अपनेआप पीछे हटेगा || आचार्य प्रशांत, भगवद् गीता पर (2019)
आचार्य प्रशांत

जो न पैदा हुआ, न नष्ट || आचार्य प्रशांत, रमण महर्षि पर (2018)
आचार्य प्रशांत

मैं तो खरगोश हूँ, मैं तो गाजर खाऊँगा || आचार्य प्रशांत, वेदांत पर (2021)
आचार्य प्रशांत

पर्यावरण की समस्या का मूल कारण || आचार्य प्रशांत (2018)
आचार्य प्रशांत