इक अलफ़ पढ़ो छुटकारा ए || आचार्य प्रशांत, संत बुल्लेशाह पर (2017)
आचार्य प्रशांत
बच्चा कौन? बूढ़ा कौन? ब्रह्मचर्य क्या? || आचार्य प्रशांत, कठ उपनिषद् पर (2017)
बनाने वाले ने हमें ऐसा क्यों बनाया? || आचार्य प्रशांत, कठ उपनिषद् पर (2017)
मेरे लिए कौन सी दिशा सही है? || आचार्य प्रशांत, युवाओं के संग (2013)
जीत में जीते नहीं, न हार में हारे || आचार्य प्रशांत (2014)
आनंद का अनुभव कौन करता है? || आचार्य प्रशांत, कठ उपनिषद् पर (2017)
मृत्यु का सामना कैसे करें? || आचार्य प्रशांत, कठ उपनिषद् पर (2017)
पैदा तो सभी कारागार में होते हैं || आचार्य प्रशांत, श्रीकृष्ण पर (2013)
आशा और कष्ट, दुख और तुलना || आचार्य प्रशांत (2018)
सच को नहीं, झूठ को तलाशो || आचार्य प्रशांत, कठ उपनिषद् पर (2017)
मन के खेल कब रुकेंगे? || आचार्य प्रशांत, कठ उपनिषद् पर (2017)
हम तुम्हारे समीप ही, मन जाए कहीं भी || आचार्य प्रशांत, गुरु नानक पर (2014)
संसारी कौन? जो संसार से पूर्णतया अज्ञानी हो || आचार्य प्रशांत, श्री अष्टावक्र पर (2014)
महत्वपूर्ण है महत्वपूर्ण को याद रखना || आचार्य प्रशांत (2015)
समाज द्वारा संस्कारित मन निजता से अनछुआ || आचार्य प्रशांत (2013)
न समर्थन, न विरोध || आचार्य प्रशांत, संत कबीर पर (2014)
गुरु का काम क्या है? || आचार्य प्रशांत, संत कबीर पर (2015)
गुरु के प्रति धन्यवाद कम क्यों हो जाता है? || आचार्य प्रशांत (2017)
संवेदनशीलता ही वास्तविक सभ्यता है || आचार्य प्रशांत (2014)
व्यक्ति इकट्ठा क्यों करता है? || आचार्य प्रशांत, संत कबीर पर (2015)
जो मुक्त है वही बंध सकता है || आचार्य प्रशांत, श्रीकृष्ण पर (2013)
सभ्यता किस लिए है? || आचार्य प्रशांत, संत कबीर पर (2014)
कर्तव्य और धर्म जितने अलग हैं, धर्म और प्रेम उतने ही एक || आचार्य प्रशांत (2015)
कभी रंग कभी धूप कभी धूमिल मैदान है,बदलते मौसमों में भी आसमान तो आसमान है || आचार्य प्रशांत (2015)
दाएँ हाथ से दो तो बाएँ को पता ना चले || आचार्य प्रशांत, श्रीकृष्ण पर (2013)
मन के मूड़े देखि करि, ता संग लीजै औट || आचार्य प्रशांत, संत कबीर पर (2014)
इस शरीर की वास्तविकता || आचार्य प्रशांत, गुरु नानक पर (2014)
एक भय परम तक भी ले जाता है || आचार्य प्रशांत, कठ उपनिषद् पर (2017)
अनुकम्पा, निर्णय और उचित कर्म || आचार्य प्रशांत (2018)
अँधेरा क्यों लुभाता है? || आचार्य प्रशांत, कठ उपनिषद् पर (2016)