
इन महात्मा और महापुरुषों के विद्रोह, संघर्ष आचार्य जी से ही समझा है जितना समझती जा रही हूं उतना अंदर से एक विद्रोह उठता जा रहा है क्रांति उठती जा रही है, जब भी यह बुक पढ़ने के लिए लेते हैं अंदर से एक ज्वाला एक विस्फोट एक आग का गोला बाहर निकाल कर आता है कि डर ,मजबूरियां, बंधन नहीं गुलामी नहीं सहेंगे, सच में अगर क्रांति करना है तो यह 🔥🔥ज्वाला💪🏾 पुस्तक पढ़ कर हो सकता है।