यह पुस्तक आपको ऐसी जगह खड़ा कर देती है, जहाँ आप सोचने पर मजबूर हो जाते हो कि क्या जीवन ऐसे भी जिया जा सकता है बेधड़क, बिंदास, संघर्ष में तपा हुआ