नमस्कार आचार्य जी ,आपने अपने ज्वाला book ke chapter no 7 आंबेडकर अगर होते आज ,में एक प्रश्न का जवाब देते हुए अब्राहमिक religion ke बारे में कटाक्ष किया जिससे मैं थोड़ा कम इत्तेफाक रखता हूं ,अपनी चीजों का प्रसार करना ठीक है फॉर एग्जांपल जैसे आप अपने धर्म की अच्छी चीजों का प्रचार हर माध्यम (सकारात्मक तरीके) से कर रहे हैं और करना भी चाहिए इसे अंदर ही अंदर सभी कुबूल भी कर रहे हैं अन्य धर्मों के जागरू...