
जैसी संगति वैसा जीवन। ये पुस्तक उन महान व्यक्तित्वों से मिलती है, उनके संघर्ष और जज्बे, सच्चाई, प्रेम और करुणा, उनके भीतर की समझ से मिलती है। जिन्होंने अपने जीवन में सत्य, सच्चाई को प्रथम रखा, आजादी। पहले खुद की भीतरी आजादी और बाहरी आजादी दोनो की बात की है। यह पुस्तक हमे अपनी मान्यताओं, धारणाओं, मजबूरियों, कमजोरियों को बोध की ज्वाला से, भस्म करती है। हमे ताकतवर, बोधमय, समझदार, और सहज जीवन जीने...