
यह पुस्तक पढ़ने से पहले मुझे नहीं पता था कि ऐसा कोई ग्रन्थ अस्तित्व में भी है। यह पुस्तक हमें समझाती है कि श्री राम, मर्यादा पुरुषोत्तम राम कैसे बने। यह उनकी आध्यात्मिक यात्रा को बहुत सरल तरीके से हम तक पहुंचती है और यह भी बताती है कि हम उन मूल्यों को अपने जीवन में कैसे उतर सकते हैं। मैने बहुत कुछ सीखा इस पुस्तक को पढ़के। श्री राम को समझने के लिए यह पुस्तक बहुत जरूरी है इसलिए सभी को पढ़ना चाहिए।

ye pustak kitne ki hai please Btaiye