
योगवासिष्ठ सार” एक अत्यंत गहन और ज्ञानपूर्ण पुस्तक है, जो जीवन, मन और आत्मा के वास्तविक स्वरूप को समझने में मदद करती है। यह सिर्फ एक धार्मिक ग्रंथ का सार नहीं है, बल्कि जीवन को देखने का एक नया दृष्टिकोण देती है। इस किताब को पढ़ते हुए मुझे यह समझ आया कि हमारे अधिकतर दुख और परेशानियाँ हमारी सोच और धारणाओं से ही पैदा होती हैं। जब हम अपनी दृष्टि को बदलते हैं, तो वही जीवन हल्का और स्पष्ट लगने लगता है। ...