
जाका गला तुम क़ाटिहो पुस्तक, से मेरा अवलोकन ✍️ सब पहले, मैं इस किताब को ⭐️⭐️⭐️⭐️⭐️रेटिंग देना चाहूँगी । जाका गला तुम काटिहो पुस्तक पढ़ने के बाद मेरे अंदर सचमुच की करुणा जागी। मांसाहार छोड़े तो पंद्रह साल बीत चुके। पर कोई करुणा नहीं थी, पर इस पुस्तक ने मेरी आँखें खोल दी। बहुत सारी जानकारियाँ जो मुझे पता ही नहीं थी, इस पुस्तक को पढ़ने के बाद पता चलीं। हिंसा क्या है, अपने ही प्रति हिंसा है मांसाहा...

पूरा कमरा किताबों से भरा हुआ है 👍

हमारे यहाँ ,हम सभी के बिना कुछ पढ़े ही हृदय में इतनी करुणा है की कभी किसी जीव को दर्द पहुँचा ही नहीं सकते, जीव जानवर भी खाने की चीज है इस पर कभी ध्यान ही नहीं गया। 🙏

आचार्य जी के ये पोस्टर कैसे मिलेंगे

मैं भी इस पुस्तक की एक से अधिक प्रतियां ऑर्डर करूंगा और लोगों में बाटूंगा 🙏🙏

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एक योद्धा हथियारों से लैस 🙏🙏🙏 एक no फोटो बहुत सुंदर उक्ति 🌷🌷🌷