दुर्गासप्तशती ✨ हमारे शरीर में ही असुर बैठे हुए हैं, जो हमारे दुःख का कारण हैं। और वे हमारी बुद्धि को भ्रमित करते हैं। हम जब तक जानेंगे नहीं, तब तक हम दुःख से मुक्त नहीं हो पाएँगे। ✨ आत्मज्ञान ही माँ का दर्शन है। ✨ अहंकार प्रकृति ही है। जब मुनि पक्षियों को ज्ञान दे रहे हैं, इसका मतलब अहंकार प्रकृति का ही उत्पाद है। ऋषि पक्षियों को ज्ञान दे रहे हैं, इससे आशय यह है कि वह अहंकार, जो अभी शरीर के तल...