
इस पुस्तक से मेरी मुलाकात बेहद खास रही। जब मैंने आचार्य जी को यूट्यूब पर सुनना शुरू किया था, तब पहली बार जो पुस्तक मंगाई थी, वही थी — "भारत"। इस पुस्तक को घर लाने के लिए मुझे काफी संघर्ष करना पड़ा था। आज भी वह दिन याद है, जब यह पुस्तक मेरे हाथों में आई थी। इसका शीर्षक मुझे बहुत आकर्षित कर रहा था। पुस्तक के इंतजार में मैंने एक महीने तक अपने छोटे-छोटे खर्चों में कटौती कर बचत की थी। इस पुस्तक की की...