यह पुस्तक शुरुआत मैं बुनियाद बताती है ओर फिर आगे बढ़ते हुए आपकी अंदर की कमियों ओर बंधनों के बारे मैं बताती है कि हम क्यों इतने पीछे हैं। वास्तविक अध्यात्म क्या है ओर वह भारत को कैसे विश्वगुरु बना सकता है