
आचार्य जी द्वारा लिखित मेरे द्वारा पढ़ी जाने वाली ये दूसरी पुस्तक थी। भारत क्या है,किन सच्चे और ऊंचे अर्थों पर इसकी नींव है और अगर भारत को महान बनाना है तो इसके लोगों को महान बनना होगा । बहुत ही सारगर्भित तरीके से भारत और भारत की दार्शनिक पृष्ठभूमि की बात की गई है। भारत से संबंधित हमारे जो भी प्रश्न मन में है,उन सबको ये पुस्तक संबोधित करती है।

इस बुक को पढ़ने के बाद ही मैं ये समझ पाया कि nation क्या है और country क्या है, हमे अपने jahilpane पे शर्म भी नहीं आती।