
श्लोक १ & २ जनक _ज्ञान कैसे प्राप्त करें, मुक्त कैसे हो ? अष्टावक्र _ यदि मुक्ति चाहते हो तो विषयों को विश की तरह त्याग दो l क्षमा , सरलता, दया, संतोष एवं सत्य का अमृत के समान सेवन करो l दुःख का कारण क्या है _ संसार को भोग की दृष्टि से देखने वाला अहंकार ही दुख का मूल कारण है दुखिया सब संसार है, खावे और सौवें दुखिया दास कबीर है, जागे और सौवें क्षमा _ जब आपका भीतरी अहित ही न हो, और ये तभी स...