![अष्टावक्र गीता भाष्य (प्रकरण 1-2) | Ashtavakra Gita Bhashya (Prakaran 1-2) [National Bestseller]](https://cimg.acharyaprashant.org/images/img-1d3226ee-dd67-4a9a-abe1-fe19440d1b04/30/image.jpg)
अध्याय १ और २ पर भाष्य

अष्टावक्र गीता भाष्य प्रकरण 1-2 पढ़ते समय मुझे महसूस हुआ कि गहरे आध्यात्मिक विषय भी सही तरीके से समझाए जाएँ तो बहुत स्पष्ट हो सकते हैं। इस पुस्तक में आचार्य प्रशांत ने अष्टावक्र गीता के शुरुआती प्रकरणों को बेहद सरल और जीवन से जोड़कर प्रस्तुत किया है। किताब की खास बात यह है कि यह केवल श्लोकों की व्याख्या नहीं करती, बल्कि उनके पीछे छिपे अर्थ को हमारे रोज़मर्रा के जीवन से जोड़ती है। “मैं कौन हूँ” और ...