
भारत जैसे परिवेश में अध्यात्म को लेकर कई धारणाएं और कुछ बातें यूंही पीढ़ी दर पीढ़ी चलती आ रही हैं। अध्यात्म कोई जादू टोना और बिल्ली भगाने का मंत्र नहीं है,ये हमारी बेचैनी को हटाने का माध्यम है।मन में समाज की बैठाई कई भ्रांतियां टूटी हैं,अब जीवन से मानो बोझ सा उतर गया है। अंधविश्वास से बचने के लिए ये पुस्तक पढ़ना बहुत जरूरी है।