
संकल्प” किताब ने मेरे लिए संकल्प और लक्ष्य को देखने का नजरिया पूरी तरह बदल दिया। पहले मैं संकल्प को केवल कुछ हासिल करने की जिद या लक्ष्य मानता था, लेकिन इस किताब ने समझाया कि अगर भीतर स्पष्टता नहीं है, तो कोई भी संकल्प हमें सही दिशा नहीं दे सकता। किताब बहुत सरल भाषा में यह स्पष्ट करती है कि हम अक्सर बिना सोचे-समझे लक्ष्य बना लेते हैं और उन्हें पाने की दौड़ में लग जाते हैं, लेकिन यह नहीं देखते कि व...