जिम्मेदारी उसी की उठा पाओगे। और हंसते-हंसते उठाओगे। और कृतज्ञता के साथ उठाओगे जो कुछ तुम्हारा ह्रदय से आया है। जो तुम्हारे हृदय से नहीं आया उसकी जिम्मेदारी उठाओगे तो बोझ लगेगी।