
``` एक होता है मज़ा काम करने का और एक होता है मज़ा तब काम करने का जब काम करना बहुत मुश्किल हो। अगर असली इंसान हो तो ज़्यादा मज़ा तुम्हें तभी आएगा जब काम करना मुश्किल हो। वहीं निर्णय होते हैं जो जीवन को बना देते हैं, वहीं निर्णय होते हैं जो भीतर से तुम्हारा निर्माण कर देते हैं। स्थितियाँ आसान हों, अनुकूल हों तो फिर तो सबकुछ हो जाता है। तिनका भी तेज़ प्रवाह में बड़ी गति पकड़ लेता है। सही कर्म प...