
साहस” एक ऐसी किताब है जो हमारे अंदर छिपे डर और असुरक्षा को सीधे सामने लाती है। इसे पढ़ते हुए मुझे समझ आया कि हम अक्सर अपने डर से भागते हैं, और उसी वजह से जीवन में बार-बार वही समस्याएँ आती रहती हैं। किताब बहुत साफ और सरल भाषा में समझाती है कि साहस कोई बाहरी चीज़ नहीं है, बल्कि यह हमारे भीतर की स्पष्टता और समझ से आता है। जब हम अपनी कमजोरियों और डर को ईमानदारी से देखते हैं, तभी असली बदलाव शुरू होता ह...