
बहुत कुछ सीख मिली इन्हीं सुंदर कहानियों से। मैं इन्हें फिर से पढ़ूँगी। पुस्तक की पहली कहानी दुबारा पढ़कर कुछ गुंथियाँ खुलीं। अगर मैं यह कहानी न पढ़ती (सत्रों में शामिल न होती), तो शायद भगोड़ापन का जीवन जीती चली जाती। जीवन के किसी भी पहलू को लेकर मेरे पास इतनी-सी भी स्पष्टता नहीं थी। ♥️ पैदा हुए हैं तो मन में, बुद्धि में, संकल्प में और बाजुओं में दम होना चाहिए। हार-जीत हमारे हाथ में नहीं होती, पर ...

[ Audiobook: जानदार व्यक्तित्व ] [ Ch.1: शानदार व्यक्तित्व के मालिक कैसे बनें? ] ♥️ मन मैला तन ऊजला, बगुला कपटी अंग। तासों तो कौआ भला, तन मन एकही रंग॥ ~ कबीर साहब ♥️ जो घट प्रेम न संचारे, जो घट जान सामान। जैसे खाल लुहार की, सांस लेत बिनु प्राण।। ~ कबीर साहब • मोह तर्कशक्ति को, विचारणा को बिलकुल खत्म कर देती है। • पत्ते की स्वास्थ्य जड़ का वरदान है। = ऐसी वफादारी होनी चाहिए। जहां का ह...

♥️ भला हुआ मोरी गगरी फूटी रे, मैं पनिया भरन से छूटी रे, मोरे सिर से टली बला। जब तुम उन सब कामधंदा से छूट जाते हो जो तुमने अपनी बेवकूफी भरी चालाकी में खड़े करे थे - तब तुम्हें एक बड़ी महत, अस्तित्वगत जिम्मेदारी मिल जाती है। ~ हर छोटी चीज बला है। ~ क्योंकि तुम छोटे नहीं हो। बड़प्पन स्वभाव है तुम्हारा। ~ तुम इतने बड़े हो कि तुम्हें तकलीफ भी चाहिए तो बड़ी चाहिए। ♥️ भला हुआ मेरी माला टू...