हम अपने अहंकार को नहीं समझते जिस कारण लगातार बाहर की घटनाओं में प्रतिशोध,बदला लेने के तैयारी में रहते हैं और इस तरह हम और बैचैनी में ही रहते है हमें बदलवा लाना होगा खुद में सिर्फ बदला लेना नहीं