
प्रतिक्रिया नहीं, परिवर्तन

बदला पढ़ते समय मुझे यह एहसास हुआ कि बदले की भावना केवल बाहरी प्रतिक्रिया नहीं होती, बल्कि हमारे भीतर चल रही गहरी पीड़ा और असुरक्षा से जुड़ी होती है। यह किताब बहुत सरल लेकिन प्रभावशाली तरीके से इस भावना को समझाती है। आचार्य प्रशांत ने बताया है कि बदला लेने की इच्छा हमें अंदर से और ज्यादा अशांत करती है, जबकि असली समाधान अपने भीतर की स्थिति को समझने में है। पढ़ते समय कई बार ऐसा लगा कि यह किताब मेरी अ...