AP Books
बदला [नवीन प्रकाशन]

बदला [नवीन प्रकाशन]

प्रतिक्रिया नहीं, परिवर्तन
4.8/5
6 Ratings
ई-पुस्तक
तत्काल उपलब्ध
सुझायी सहयोग राशि
₹21
₹150
पेपरबैक
स्टॉक उपलब्ध
46% छूट
₹159
₹299
ई-पुस्तक ले चुके हैं?
लॉगिन करें

पुस्तक का विवरण

भाषा
hindi
प्रिंट की लम्बाई
192

विवरण

आत्म-अज्ञान के वशीभूत बदले की आन्तरिक ज्वाला में जलता हुआ मन न सिर्फ़ स्वयं को सज़ा देता है, बल्कि उसके कर्मों व सम्बन्धों में भी यह भाव अपनी वीभत्स अभिव्यक्ति पाता है। आज तक धरती पर हुए अधिकांश महायुद्धों के पीछे भी बदले की यह भावना ही मूल कारक या उत्प्रेरक रही है।

बदले की भावना के पीछे का गहरा मनोविज्ञान क्या है? बदले की भावना से मुक्त होकर जीवन और सम्बन्धों को आनन्द और प्रेम से परिपूर्ण कैसे बनाया जा सकता है? प्रस्तुत पुस्तक के माध्यम से आचार्य प्रशांत ने इन महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर हमें बडे़ ही सहज तरीके से समझाए हैं।

यह पुस्तक अनिवार्य रूप से हमारे पाठकों को इस विषय पर एक गहरी स्पष्टता प्रदान करेगी और एक सार्थक आन्तरिक रूपांतरण में सहायक सिद्ध होगी।

अनुक्रमणिका

1. जब किसी ने दिल दुखाया हो 2. जब लगे कि नाइंसाफ़ी हुई है आपके साथ 3. कृष्ण की 'हिंसा' बनाम गाँधी की अहिंसा? 4. अन्याय सहना कितना ज़रूरी? 5. रिवॉल्वर बचाकर रखो, असली दुश्मन दूसरा है 6. दुश्मन को पहचानो
View all chapters
अभी पाएँ:
₹159
46% छूट
₹299
स्टॉक उपलब्ध
मुफ़्त डिलीवरी
मात्रा:
1
पुस्तक को साझा करें
क्या आपको आचार्य प्रशांत की शिक्षाओं से लाभ हुआ है? आपके योगदान से ही यह मिशन आगे बढ़ेगा।
Reader Reviews
4.8/5
6 Ratings
5 stars 83%
4 stars 16%
3 stars 0%
2 stars 0%
1 stars 0%