
10 धोखे जो सब खाते हैं” पढ़ते समय सबसे ज्यादा जो चीज़ महसूस हुई, वो यह कि इसमें बताई गई बातें नई नहीं हैं—लेकिन हम इन्हें कभी गंभीरता से देखते ही नहीं। किताब में जिन “धोखों” की बात की गई है, वो कोई बाहरी ट्रिक या चाल नहीं हैं, बल्कि हमारी अपनी ही सोच, उम्मीदों और समझ की गलतियाँ हैं। यही वजह है कि ये धोखे बार-बार होते हैं, और हर बार हम हैरान रह जाते हैं। मुझे खास बात यह लगी कि यह किताब किसी को दोष ...