ये किताब स्त्री और पुरुष दोनों के लिए बहुत आवश्यक है क्योंकि इसमें स्त्री को देह नहीं चेतना बताया गया है
ये किताब ये बताती है कैसे हमें देह तो स्त्री की मिली है लेकिन खुद को सिर्फ़ स्त्री मानते चलना हमने समाज से सीखा है जिस कारण हमने खुद को जानने का कभी प्रयास नहीं किया।
मैंने इस पुस्तक को पढ़ा है और इससे मेरी जिंदगी में बहुत सारे बदलाव आए हैं।