ये पुस्तक उस खोजी को जाँचने का एक सटीक माध्यम है जो जीवन भर बैचैन रहता है और अपनी उस बेचैनी और खालीपन को बाहरी वस्तुओं और विषयों में तलाशता रहता हैं, अपनी ही मान्यताओं और धारणाओं के चलते अपने सत्य से दूर रहता है जो उसके बिल्कुल करीब ही हैं।