
“विद्यार्थी जीवन, पढ़ाई और मौज” केवल विद्यार्थियों की जीवनशैली पर लिखी गई साधारण किताब नहीं है—यह आत्मचिंतन करवाने वाली एक दार्शनिक कृति है। आचार्य प्रशांत विद्यार्थी जीवन को सिर्फ मेहनत, मज़ाक और संघर्ष की दृष्टि से नहीं देखते, बल्कि बताते हैं कि इस पूरे दौर की जड़ में हमारा मानसिक ढाँचा, हमारी इच्छाएँ, डर और भागदौड़ कैसे काम करती है। किताब यह समझाती है कि पढ़ाई का वास्तविक उद्देश्य सिर्फ अंकों ...