इसको पढ़कर ये समझ आया कि वास्तविक धर्म का उद्देश्य हमारे दुख से है, मैं से है, किसी ईश्वर के लिए नहीं है। मन, अहम्, चेतना, वृत्ति को सच्चे अर्थों में समझा। महावाक्यों को सरल भाषा में समझाया है।